पठानकोट तहसील कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे वसीका नवीस, स्टांप वेंडर, टाइपिस्टों ने एक सप्ताह के बाद सोमवार को तहसीलदार परमप्रीत ¨सह गोराया के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी है।
वसीका नवीस यूनियन पठानकोट के बैनर तले 15 मई को शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद उक्त कार्यालय में काम करवाने आए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी तहसील कार्यालय में जमीन संबंधी कार्य करवाने आए लोगों को उठानी पड़ी।
सैकड़ों लोगों की जमीनों की रजिस्ट्री व जमीनों संबंधी अन्य कार्य नहीं हो पाई। जिसके कारण रेवेन्यू विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। करीब तीन माह पूर्व तहसील कार्यालय को शहर से मलिकपुर स्थित मिन्नी सचिवालय में शिफ्ट कर दिया गया था।
इसके बाद तहसील कार्यालय में कार्यरत वसीका नवीस, स्टांप वेंडर व टाइपिस्टों को नए तहसील कार्यालय में काम करने के लिए जमीन उपलब्ध न होने के कारण पुराने कार्यालय में ही काम करना पड़ रहा था। वहीं उसके बाद उन्हें 6 फुट बाई 8 फुट जमीन दिए जाने के विरोध में उक्त लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले गए।
जिसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए सोमवार को डीसी पठानकोट के दिशा निर्देशों के तहत तहसीलदार परमप्रीत ¨सह गोराया व नायब तहसीलदार यशपाल कुंडल ने पुराने तहसील कार्यालय में जाकर वसीका नवीसों, स्टांप वेंडरों व टाइपिस्टों के साथ बैठक कर उन्हें आश्वासन दिलाकर हड़ताल समाप्त करवाई। तहसीलदार परमप्रीत ¨सह गोराया ने बताया कि यूनियन ने मांगों को लेकर जो मांग पत्र डीसी पठानकोट नीलिमा को सौंपा था उसे एफसीआर को भेजा जा चुका है।
यूनियन के प्रधान वसीका नवीस योगेश कुमार ने कहा कि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी हड़ताल वापिस ली है अगर सरकार की तरफ से जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे फिरसे संघर्ष शुरू करेंगे।
इस मौके पर नम्बरदार यूनियन प्रधान चरण दास, अष्टाम फरोश अर्जुन भनोट, वसीका नवीस अशोक हीर, ठाकुर जो¨गद्र ¨सह, किरपाल ¨सह, कुलदीप ¨सह, किश्न लाल, प्रमोद कुमार, नम्बरदार ¨रकु, नम्बरदार अमरजीत, अष्टाम फरोश राजकुमार बजाज आदि उपस्थित थे।
