सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जगह न मिलने के बाद निगम ने अब डोर टू डोर कूड़ा उठवाने का फैसला किया है। योजना के तहत नगर निगम प्रत्येक घर को सूखा और गीला कूड़ा डालने के लिए नि:शुल्क दो डस्टबिन देगा। वेस्ट पीकर (कूड़ा उठाने वाला कर्मी) आपके घर आएगा और दोनों डस्टबिन उठाकर उसे लिफ्टिंग प्वाइंट तक पहुंचाएगा जिसे बाद में कंपनी रि-साइकिल करके अपनी आय के सोर्स पैदा करेगा।
यह बात नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपक कुमार व जानू चलोत्रा ने सोमवार को मोहल्ला सुंदरनगर स्थित पायलट सीनियर स्कूल में आयोजित सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट के बारे में जागरुक करते हुए कही। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि योजना से पूर्व शहरवासियों को निगम ने जागरुक करने का फैसला किया है।
जिसके तहत रोजाना एक स्कूल व एक रिहायशी कालोनियों में सेमिनार लगाकर लोगों को जागरुक किया जाएगा। पायलट सीनियर सैकेडरी स्कूल से मुहिम की शुरुआत की गई है जबकि, मंगलवार को एवलन सीनियर सैकेंडरी स्कूल में सेमिनार लगाकर विद्यार्थियों को जागरुक किया जाएगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर होगी शुरुआत
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपक कुमार व जानू चलोत्रा ने बताया कि पांच जून विश्व पर्यावरण दिवस वाले दिन नगर निगम शहर में डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने की योजना शुरू करेगी। डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी से अस्थायी तौर पर करार हुआ है। इसके तहत नगर निगम की ओर से प्रत्येक घर को दो ग्रीन और ब्लू रंग के डस्टबिन निशुल्क वितरित किए जाएंगे। ग्रीन डस्टबिन में गीला व बायोवेस्ट कूड़ा डालेंगे जबकि ब्लू वाले में सूखा कूड़ा डाला जाएगा।
दो फेज में होगा मुहिम का काम
पहले फेज में शहर के अंदर केवल दस हजार घरों को ही डस्टबिन की सुविधा दी जाएगी। ट्रायल के तौर पर चल रहा अभियान यदि सफल होता है तो सैकेंड फेज में शहर के शेष रहते घरो को डस्टबिन दिए जाएंगे। इसमें कमर्शियल कार्य करने वालों को भी विशेष तौर पर रखा जाएगा। निगम की ओर से लगाए गए वेस्ट पीकर लोगों के घर-घर जाएंगे और ग्रीन-ब्लू डस्टबिन को लिफ्ट करने के बाद वापस छोड़ देंगे।
प्रत्येक उपभोक्ता को अदा करने होंगे 50 रुपये
इसके लिए प्रत्येक उपभोक्ता को शुल्क के रूप में पैसे अदा करने पड़ेंगे। रिहायशी धारक को प्रति माह पचास रुपये तथा कमर्शियल काम के हिसाब से शुल्क वसूला जाएगा। वेस्ट पीकर कूड़े को लिफ्टिंग प्वाइंट तक छोड़ आएंगे जिसके बाद उस कूड़े को एक स्थान पर डंप किया जाएगा।
निगम देगा रि-साइकिल की जगह
प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी उक्त कूड़े को रि-साइकिल करके उससे निकलने वाले सामान को बेच कर अपनी आमदनी का जरिया बनाएंगे। निगम कंपनी को वेस्ट समान को रि-साइकिल करने के लिए केवल जगह उपलब्ध करवाएगा।
