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बैंक ने 100 डिफाल्टरों को भेजे नोटिस-15 दिन में जमा कराएं पैसा

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बैंक ने 100 डिफाल्टरों को भेजे नोटिस-15 दिन में जमा कराएं पैसा, नहीं तो एनपीए की रिकवरी के लिए आपकी प्रॉपर्टी बेचंेगे

उप-रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी की जांच में 600 करोड़ टर्नओवर वाले हिंदू कोऑपरेटिव बैंक बंदी की कगार पर खड़े करने को भाजपा के प्रभुत्व वाले बोर्ड आफ डायरेक्टर्स को एनपीए की रिकवरी न करने और मनमाने तरीके से लोन माफ करने का जिम्मेदार ठहराने की सियासी गलियारों में खासी चर्चा है। इधर, बैंक ने 100 डिफाल्टरों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर पैसा जमा कराने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर उनकी बैंक में जब्त प्रॉपर्टी बेचने की चेतावनी दी गई है।

इसी बीच वीरवार को एमएलए अमित विज ने बैंक अधिकारियों के साथ मीटिंग कर बैंक के हालातों पर चर्चा की। साथ ही एनपीए की वसूली के लिए डिफाल्टरों की जब्त प्रापर्टी बेचने का खाका भी तैयार किया। मीटिंग में बैंक के नए सीईओ अमन मेहता व अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसमें बैंक के मुलाजिमों की संख्या और एनपीए खातों की स्थिति पर चर्चा की गई। सीईओ ने बताया कि एनपीए की रिकवरी को सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डिफाल्टरों को नोटिस जारी कर उनकी प्रापर्टी बेचने की चेतावनी दी गई है। एमएलए विज ने कहा कि बैंक को बचाने के लिए 120 करोड़ रुपए जरूरी हैं। एमएलए विज ने कहा कि बैंक का पैसा डिफाल्टरों को जमा कराना होगा और उनके एनपीए खाते में ही जमा होगा। पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी तक पहले कोई पैसा जमा तो कराए उन्हें तब ही कोई रसीद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अभी कोई ओटीएस स्कीम लागू नहीं हुई है, इसलिए एनपीए खाते से ही पैसे बैंक जमा करेगा। उन्होंने कहा कि लोन बांटने में कोई भी अनियमितताएं सामने आएंगी और उसमें कोई भी अधिकारी तथा डायरेक्टर्स शामिल पाए जाने पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। बैंक को डूबने से बचाने के लिए हर तरह से कार्रवाई होगी। अतिरिक्त स्टाफ को डेपुटेशन पर अन्य जगहों पर भेजा जाएगा और उनके खर्च भी कम किए जाएंगे। बता दें कि आरबीआई को 86 करोड़ एनपीए होने पर बैंक के 90 हजार खाते से निकासी पर रोक लगानी पड़ी है।

वारंट जारी कराने में पिक एंड चूज की पॉलिसी, कई बड़े छोड़ दिए

वीरवार को बैंक में अधिकारियों से मीटिंग करते हुए एमएलए अमित विज।

एमएलए विज ने कहा कि डिफाल्टरों के अरेस्ट वारंट जारी कराने में बैंक ने पिक एंड चूज की पॉलिसी एडाप्ट की है और 17 हजार रुपए के डिफाल्टर का अरेस्ट वारंट जारी करवा दिया, जबकि करोड़ों रुपए के बकाएदार भी हैं। बैंक से सबसे बड़े डिफाल्टर से लेकर सबसे छोटे डिफाल्टरों की एक लिस्ट मांगी गई है, उसके आधार अरेस्ट वारंट इश्यू करवाए जाएंगे।

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