गुरू बिना ज्ञान नही और ज्ञान बिना गुरू नही मिलता

श्री अद्धैत स्वरूप हीरा परमधाम आश्रम के वर्तमान पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी दिव्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में गांव सुलतानपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बहुत से गांवों की संगत ने बढ़-चढक़र भाग लिया।

इस मौके पर सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम शुरू किए गए। इस मौके पर गांववासियों की और से रथ यात्रा निकाली गई। जिसमें सवार होकर स्वामी दिव्यानंद जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर स्वामी दिव्यानंद जी महाराज जी ने संगत को अपनी वाणी से अमृतवचन करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन मे सत्य के मार्ग पर चलना सीख जाता है जो सत्य बोलना सिख जाता है वह व्यक्ति गुरू के ज्ञान से वंचित नही रह सकता क्योंकि सच्चे व्यक्ति के सिर पर सदा गुरू का हाथ होता है। मानव को सदा ही अच्छे व नेक कार्य करने चाहिए। मानवता की सेवा से बढक़र कोई सेवा नहीं है।

उन्होनें कहा कि प्रभु की भक्ति में इतनी शक्ति है कि असंभव को संभव बनाया जा सकता है, इसलिए सदा ही अच्छे गुरू की शरण में जा कर नाम की दीक्षा ले कर प्रभु के नाम का सिमरन करना चाहिए। इस मौके पर नवीण जी पप्पू महात्मा जी, औकंरानंद जी, सहित अन्य महात्मा उपस्थित थे।

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