आजाद हो कर भी रिफ्यूजियों की जिंदगी जीने को हैं मजबूर

मीरथल के साथ सटे इंदौरा ब्लाक के अधीन आते गांव काठगड़ के पास पिछले 25 से 30 बर्षो से रह रहे 20-21 गुज्जर परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने के चलते भारी परेशानी का जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं।

इस अवसर पर उक्त आबादी के प्रधान हसनदीन याकुब मोहम्मद ने कहा कि उनके पूर्वज इस स्थान पर आजादी के समय से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उसके बाद उन्हें भी उक्त गांव में रहते 25 बर्षों से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवारों की ओर से प्रत्येक चुनावों दौरान वोट का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि उन सभी के आधार कार्ड तक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम इस देश के वशींदे होते हुए भी रिफूजियों जैसी जिंदगी व्यतित करने को मजबूर हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि उनके मकान भी पक्के नही हैं, इसके अलावा न तो पानी की व्यवस्था है तथा न ही बिजली का कोई प्रबंध है। ऐसे में हमारे साथ कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है। रोष प्रकट करते लतीफ हुसैन, याकूब मुहम्मद, रेशमा बीबी, वीना बीवी, लियाक्त अली, वशीर मुहम्मद ने कहा कि आज तक न तो कांग्रेस सरकार तथा न ही बी.जे.पी की ओर से उनका ध्यान किया गया है। इस संबंध में एस.डी.एम इंदौरा गौरव महाजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर जा कर जांच करेंगे तथा गुजरों को पेश आने वाली समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएंगे।

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