सात साल बाद भी शॉ¨पग कांप्लेक्स का काम अधूरा

नगर सुधार ट्रस्ट की ओर से शहर के वाल्मीकि चौक में बनाई जा रही शॉ¨पग कांप्लेक्स का काम पिछले लंबे समय से बंद पड़ा है। काम में देरी के चलते जहां कांप्लेक्स में बनीं दुकानों को खरीदने में शहर के कारोबारी उत्साह नहीं दिखा रहे, वहीं ट्रस्ट को भी इससे आर्थिक तौर पर नुक्सान हो रहा है। फंड न मिलता देख नगर सुधार ट्रस्ट ने अब पंजाब नेशनल बैंक से 3 करोड़ का कर्ज लेकर शॉ¨पग कांप्लेक्स को पूरा करने का काम शुरू किया है। उम्मीद है कि अगले तीन-चार महीने में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद नगर सुधार ट्रस्ट इन दुकानों को बेच पाएगा। इस बात की पुष्टि पठानकोट नगर सुधार ट्रस्ट के एसडीओ हरमीत ¨सह ने की।

जानकारी के अनुसार वाल्मीकि चौक के पास नगर सुधार ट्रस्ट ने अपनी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस शॉ¨पग कांप्लेक्स बनाकर कारोबारियों को बेचने की योजना तैयार की थी। वर्ष 2011 में इसे निकाय विभाग से मंजूरी मिली और इसी वर्ष इस पर काम भी शुरू हो गया। 8 करोड़ 22 लाख के इस प्रोजेक्ट को 0.46 एकड़ स्कीम का नाम दिया गया। दो वर्षों के भीतर पूरा होने वाला प्रोजेक्ट सात वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। प्रोजेक्ट अधूरा होने से कारोबारियों को भी दुकानें नहीं मिलीं। काम में देरी के पीछे नगर सुधार ट्रस्ट के अधिकारी निकाय विभाग की ओर से फंड न देने की बात कह कर अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

शॉ¨पग कांप्लेक्स में कुल 121 दुकानें होंगी। लेकिन काम में देरी के चलते ट्रस्ट अभी तक केवल 9 दुकानें ही बेच पाया है। दुकानें न बिक पाने का मुख्य कारण काम में देरी। इसे देखते हुए कारोबारी अपना पैसा नहीं फंसाना चाहते। कारोबारियों का कहना है कि भले पंद्रह फीसद पहले ही देना पड़ेगा लेकिन उनके पैसे तो ट्रस्ट ने पहले ही ले लिए। कारोबारियों का कहना है कि यदि समय पर काम पूरा हो जाता तो आज तक एक भी दुकान बिकने से नहीं बचती।

शॉ¨पग कांप्लेक्स में बेसमेंट के अलावा तीन मंजिला इमारत को तैयार किया जा रहा है। कांप्लेक्स में 121 दुकानें हैं जिन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांट कर इनके रेट भी अलग-अलग फिक्स किए गए हैं। कांप्लेक्स में सामान खरीदने वालों के लिए पार्किग का प्रबंध किया गया है। जहां 200 से अधिक दो पहिया और करीब 100 चार पहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे। बेसमेंट में खरीददारी करने के बाद यदि पहली या दूसरी बि¨ल्डग पर शॉ¨पग करने के लिए जाना है तो सीढि़यों के साथ-साथ दो लिफ्ट की भी व्यवस्था है।

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